महाभारत 13.20.39
अथ द्वारं समभितो गत्वा स्थित्वा ततोऽब्रवीत्अतिथिं मामनुप्राप्तमनुजानन्तु येऽत्र वै
atha dvāraṃ samabhito gatvā sthitvā tato'bravītatithiṃ māmanuprāptamanujānantu ye'tra vai
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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