महाभारत 13.20.3
स गत्वा द्विजशार्दूलो हिमवन्तं महागिरिम्अभ्यगच्छन्नदीं पुण्यां बाहुदां धर्मदायिनीम्
sa gatvā dvijaśārdūlo himavantaṃ mahāgirimabhyagacchannadīṃ puṇyāṃ bāhudāṃ dharmadāyinīm
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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