महाभारत 13.21.9
अथ स्त्री भगवन्तं सा सुप्यतामित्यचोदयत्तत्र वै शयने दिव्ये तस्य तस्याश्च कल्पिते
atha strī bhagavantaṃ sā supyatāmityacodayattatra vai śayane divye tasya tasyāśca kalpite
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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