महाभारत 13.23.29अधिकारे यदनृतं राजगामि च पैशुनम्गुरोश्चालीककरणं समं तद्ब्रह्महत्ययाadhikāre yadanṛtaṃ rājagāmi ca paiśunamguroścālīkakaraṇaṃ samaṃ tadbrahmahatyayāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें