महाभारत 13.37.9
यस्मिन्नेतानि दृश्यन्ते न चाकार्याणि भारतभावतो विनिविष्टानि तत्पात्रं मानमर्हति
yasminnetāni dṛśyante na cākāryāṇi bhāratabhāvato viniviṣṭāni tatpātraṃ mānamarhati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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