महाभारत 13.40.2
अत्र ते वर्तयिष्यामि इतिहासं पुरातनम्यथा रक्षा कृता पूर्वं विपुलेन महात्मना
atra te vartayiṣyāmi itihāsaṃ purātanamyathā rakṣā kṛtā pūrvaṃ vipulena mahātmanā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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