महाभारत 13.40.38
एवं रूपाणि सततं कुरुते पाकशासनःतस्माद्विपुल यत्नेन रक्षेमां तनुमध्यमाम्
evaṃ rūpāṇi satataṃ kurute pākaśāsanaḥtasmādvipula yatnena rakṣemāṃ tanumadhyamām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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