महाभारत 13.44.41
ततो मयैवमुक्ते तु वाक्ये धर्मभृतां वरःपिता मम महाराज बाह्लीको वाक्यमब्रवीत्
tato mayaivamukte tu vākye dharmabhṛtāṃ varaḥpitā mama mahārāja bāhlīko vākyamabravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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