महाभारत 13.48.2
तेषामेतेन विधिना जातानां वर्णसंकरेको धर्मः कानि कर्माणि तन्मे ब्रूहि पितामह
teṣāmetena vidhinā jātānāṃ varṇasaṃkareko dharmaḥ kāni karmāṇi tanme brūhi pitāmaha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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