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महाभारत 13.49.24
त्यक्तो मातापितृभ्यां यः सवर्णं प्रतिपद्यतेतद्गोत्रवर्णतस्तस्य कुर्यात्संस्कारमच्युत
tyakto mātāpitṛbhyāṃ yaḥ savarṇaṃ pratipadyatetadgotravarṇatastasya kuryātsaṃskāramacyuta
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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