महाभारत 13.49.25
अथ देया तु कन्या स्यात्तद्वर्णेन युधिष्ठिरसंस्कर्तुं मातृगोत्रं च मातृवर्णविनिश्चये
atha deyā tu kanyā syāttadvarṇena yudhiṣṭhirasaṃskartuṃ mātṛgotraṃ ca mātṛvarṇaviniścaye
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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