महाभारत 13.49.3
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
आत्मा पुत्रस्तु विज्ञेयस्तस्यानन्तरजश्च यःनियुक्तजश्च विज्ञेयः सुतः प्रसृतजस्तथा
ātmā putrastu vijñeyastasyānantarajaśca yaḥniyuktajaśca vijñeyaḥ sutaḥ prasṛtajastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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