महाभारत 13.49.7
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
त्रिषु वर्णेषु ये पुत्रा ब्राह्मणस्य युधिष्ठिरवर्णयोश्च द्वयोः स्यातां यौ राजन्यस्य भारत
triṣu varṇeṣu ye putrā brāhmaṇasya yudhiṣṭhiravarṇayośca dvayoḥ syātāṃ yau rājanyasya bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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