महाभारत 13.49.8एको द्विवर्ण एवाथ तथात्रैवोपलक्षितःषडपध्वंसजास्ते हि तथैवापसदाञ्शृणुeko dvivarṇa evātha tathātraivopalakṣitaḥṣaḍapadhvaṃsajāste hi tathaivāpasadāñśṛṇuइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें