महाभारत 13.6.44
यथा तैलक्षयाद्दीपः प्रम्लानिमुपगच्छतितथा कर्मक्षयाद्दैवं प्रम्लानिमुपगच्छति
yathā tailakṣayāddīpaḥ pramlānimupagacchatitathā karmakṣayāddaivaṃ pramlānimupagacchati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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