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महाभारत 13.61.55
भर्तुर्निःश्रेयसे युक्तास्त्यक्तात्मानो रणे हताःब्रह्मलोकगताः शूरा नातिक्रामन्ति भूमिदम्
bharturniḥśreyase yuktāstyaktātmāno raṇe hatāḥbrahmalokagatāḥ śūrā nātikrāmanti bhūmidam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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