महाभारत 13.65.13
सर्वेषामेव दानानां तिलदानं परं स्मृतम्अक्षयं सर्वदानानां तिलदानमिहोच्यते
sarveṣāmeva dānānāṃ tiladānaṃ paraṃ smṛtamakṣayaṃ sarvadānānāṃ tiladānamihocyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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