महाभारत 13.65.40
ब्राह्मणैः सहिता यान्ति तस्मात्परतरं पदम्एकं गोब्राह्मणं तस्मात्प्रवदन्ति मनीषिणः
brāhmaṇaiḥ sahitā yānti tasmātparataraṃ padamekaṃ gobrāhmaṇaṃ tasmātpravadanti manīṣiṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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