महाभारत 13.74.33
दमः सत्यफलावाप्तिरुक्ता सर्वात्मना मयाअसंशयं विनीतात्मा सर्वः स्वर्गे महीयते
damaḥ satyaphalāvāptiruktā sarvātmanā mayāasaṃśayaṃ vinītātmā sarvaḥ svarge mahīyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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