महाभारत 13.75.2
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
न गोदानात्परं किंचिद्विद्यते वसुधाधिपगौर्हि न्यायागता दत्ता सद्यस्तारयते कुलम्
na godānātparaṃ kiṃcidvidyate vasudhādhipagaurhi nyāyāgatā dattā sadyastārayate kulam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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