महाभारत 13.8.17
ब्रह्मण्य इति मामाहुस्तया वाचास्मि तोषितःएतदेव पवित्रेभ्यः सर्वेभ्यः परमं स्मृतम्
brahmaṇya iti māmāhustayā vācāsmi toṣitaḥetadeva pavitrebhyaḥ sarvebhyaḥ paramaṃ smṛtam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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