महाभारत 13.86.18
षडाननं कुमारं तं द्विषडक्षं द्विजप्रियम्पीनांसं द्वादशभुजं पावकादित्यवर्चसम्
ṣaḍānanaṃ kumāraṃ taṃ dviṣaḍakṣaṃ dvijapriyampīnāṃsaṃ dvādaśabhujaṃ pāvakādityavarcasam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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