महाभारत 13.89.8
बहुपुत्रो विशाखासु पित्र्यमीहन्भवेन्नरःअनुराधासु कुर्वाणो राजचक्रं प्रवर्तयेत्
bahuputro viśākhāsu pitryamīhanbhavennaraḥanurādhāsu kurvāṇo rājacakraṃ pravartayet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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