महाभारत 13.9.12
तत्कृते पापिकां योनिमापन्नोऽस्मि प्लवंगमतस्मादेवंविधं भक्ष्यं भक्षयामि बुभुक्षितः
tatkṛte pāpikāṃ yonimāpanno'smi plavaṃgamatasmādevaṃvidhaṃ bhakṣyaṃ bhakṣayāmi bubhukṣitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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