महाभारत 13.9.18स एव हि यदा तुष्टो वचसा प्रतिनन्दतिभवत्यगदसंकाशो विषये तस्य भारतsa eva hi yadā tuṣṭo vacasā pratinandatibhavatyagadasaṃkāśo viṣaye tasya bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें