महाभारत 13.94.9
तस्मिन्कालेऽथ सोऽल्पायुर्दिष्टान्तमगमत्प्रभोते तं क्षुधाभिसंतप्ताः परिवार्योपतस्थिरे
tasminkāle'tha so'lpāyurdiṣṭāntamagamatprabhote taṃ kṣudhābhisaṃtaptāḥ parivāryopatasthire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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