महाभारत 13.98.8
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
ततः प्रहस्य भगवाञ्जमदग्निरुवाच तम्न भीः सूर्य त्वया कार्या प्रणिपातगतो ह्यसि
tataḥ prahasya bhagavāñjamadagniruvāca tamna bhīḥ sūrya tvayā kāryā praṇipātagato hyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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