महाभारत 14.26.11
एकं शास्तारमासाद्य शब्देनैकेन संस्कृताःनाना व्यवसिताः सर्वे सर्पदेवर्षिदानवाः
ekaṃ śāstāramāsādya śabdenaikena saṃskṛtāḥnānā vyavasitāḥ sarve sarpadevarṣidānavāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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