महाभारत 14.29.21
पितुर्वधममृष्यंस्तु रामः प्रोवाच तानृषीन्नार्हन्तीह भवन्तो मां निवारयितुमित्युत
piturvadhamamṛṣyaṃstu rāmaḥ provāca tānṛṣīnnārhantīha bhavanto māṃ nivārayitumityuta
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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