महाभारत 14.3.4
तपोभिः क्रतुभिश्चैव दानेन च युधिष्ठिरतरन्ति नित्यं पुरुषा ये स्म पापानि कुर्वते
tapobhiḥ kratubhiścaiva dānena ca yudhiṣṭhirataranti nityaṃ puruṣā ye sma pāpāni kurvate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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