महाभारत 14.34.7
इदं कार्यमिदं नेति न मोक्षेषूपदिश्यतेपश्यतः शृण्वतो बुद्धिरात्मनो येषु जायते
idaṃ kāryamidaṃ neti na mokṣeṣūpadiśyatepaśyataḥ śṛṇvato buddhirātmano yeṣu jāyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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