महाभारत 14.43.13नरकिंनरयक्षाणां गन्धर्वोरगरक्षसाम्देवदानवनागानां सर्वेषामीश्वरो हि सःnarakiṃnarayakṣāṇāṃ gandharvoragarakṣasāmdevadānavanāgānāṃ sarveṣāmīśvaro hi saḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें