महाभारत 14.43.8
अग्निर्भूतपतिर्नित्यं ब्राह्मणानां बृहस्पतिःओषधीनां पतिः सोमो विष्णुर्बलवतां वरः
agnirbhūtapatirnityaṃ brāhmaṇānāṃ bṛhaspatiḥoṣadhīnāṃ patiḥ somo viṣṇurbalavatāṃ varaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें