महाभारत 14.45.21
अधीत्याध्यापनं कुर्यात्तथा यजनयाजनेदानं प्रतिग्रहं चैव षड्गुणां वृत्तिमाचरेत्
adhītyādhyāpanaṃ kuryāttathā yajanayājanedānaṃ pratigrahaṃ caiva ṣaḍguṇāṃ vṛttimācaret
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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