महाभारत 14.49.54
आकाशमुत्तमं भूतमहंकारस्ततः परम्अहंकारात्परा बुद्धिर्बुद्धेरात्मा ततः परः
ākāśamuttamaṃ bhūtamahaṃkārastataḥ paramahaṃkārātparā buddhirbuddherātmā tataḥ paraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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