महाभारत 14.65.14
ततः कृष्णं समासाद्य कुन्ती राजसुता तदाप्रोवाच राजशार्दूल बाष्पगद्गदया गिरा
tataḥ kṛṣṇaṃ samāsādya kuntī rājasutā tadāprovāca rājaśārdūla bāṣpagadgadayā girā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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