महाभारत 14.72.10
तेषामन्योन्यसंमर्दादूष्मेव समजायतदिदृक्षूणां हयं तं च तं चैव हयसारिणम्
teṣāmanyonyasaṃmardādūṣmeva samajāyatadidṛkṣūṇāṃ hayaṃ taṃ ca taṃ caiva hayasāriṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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