महाभारत 14.72.11
ततः शब्दो महाराज दशाशाः प्रतिपूरयन्बभूव प्रेक्षतां नॄणां कुन्तीपुत्रं धनंजयम्
tataḥ śabdo mahārāja daśāśāḥ pratipūrayanbabhūva prekṣatāṃ nṝṇāṃ kuntīputraṃ dhanaṃjayam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें