महाभारत 14.72.24
किराता विकृता राजन्बहवोऽसिधनुर्धराःम्लेच्छाश्चान्ये बहुविधाः पूर्वं विनिकृता रणे
kirātā vikṛtā rājanbahavo'sidhanurdharāḥmlecchāścānye bahuvidhāḥ pūrvaṃ vinikṛtā raṇe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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