महाभारत 14.73.10ततस्ते रथघोषेण खुरनेमिस्वनेन चपूरयन्तो दिशः सर्वा धनंजयमुपाद्रवन्tataste rathaghoṣeṇa khuranemisvanena capūrayanto diśaḥ sarvā dhanaṃjayamupādravanइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें