महाभारत 14.78.10
ततः सा चारुसर्वाङ्गी तमुपेत्योरगात्मजाउलूपी प्राह वचनं क्षत्रधर्मविशारदा
tataḥ sā cārusarvāṅgī tamupetyoragātmajāulūpī prāha vacanaṃ kṣatradharmaviśāradā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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