महाभारत 14.78.15
सर्वोपकरणैर्युक्तं युक्तमश्वैर्मनोजवैःसुचक्रोपस्करं धीमान्हेमभाण्डपरिष्कृतम्
sarvopakaraṇairyuktaṃ yuktamaśvairmanojavaiḥsucakropaskaraṃ dhīmānhemabhāṇḍapariṣkṛtam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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