महाभारत 14.78.7
यद्यहं न्यस्तशस्त्रस्त्वामागच्छेयं सुदुर्मतेप्रक्रियेयं ततो युक्ता भवेत्तव नराधम
yadyahaṃ nyastaśastrastvāmāgaccheyaṃ sudurmateprakriyeyaṃ tato yuktā bhavettava narādhama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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