महाभारत 14.78.9
सा ददर्श ततः पुत्रं विमृशन्तमधोमुखम्संतर्ज्यमानमसकृद्भर्त्रा युद्धार्थिना विभो
sā dadarśa tataḥ putraṃ vimṛśantamadhomukhamsaṃtarjyamānamasakṛdbhartrā yuddhārthinā vibho
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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