महाभारत 14.8.4
तत्र रुद्राश्च साध्याश्च विश्वेऽथ वसवस्तथायमश्च वरुणश्चैव कुबेरश्च सहानुगः
tatra rudrāśca sādhyāśca viśve'tha vasavastathāyamaśca varuṇaścaiva kuberaśca sahānugaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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