महाभारत 14.89.2
बहूनि किल युद्धानि विजयस्य नराधिपैःपुनरासन्हृषीकेश तत्र तत्रेति मे श्रुतम्
bahūni kila yuddhāni vijayasya narādhipaiḥpunarāsanhṛṣīkeśa tatra tatreti me śrutam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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