महाभारत 14.90.11
ततस्तृतीये दिवसे सत्यवत्याः सुतो मुनिःयुधिष्ठिरं समभ्येत्य वाग्मी वचनमब्रवीत्
tatastṛtīye divase satyavatyāḥ suto muniḥyudhiṣṭhiraṃ samabhyetya vāgmī vacanamabravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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