महाभारत 14.91.30
पाण्डवाश्च महीपालैः समेतैः संवृतास्तदाअशोभन्त महाराज ग्रहास्तारागणैरिव
pāṇḍavāśca mahīpālaiḥ sametaiḥ saṃvṛtāstadāaśobhanta mahārāja grahāstārāgaṇairiva
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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