महाभारत 14.93.35
बालानां क्षुद्बलवती जानाम्येतदहं विभोवृद्धोऽहं धारयिष्यामि त्वं बली भव पुत्रक
bālānāṃ kṣudbalavatī jānāmyetadahaṃ vibhovṛddho'haṃ dhārayiṣyāmi tvaṃ balī bhava putraka
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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