महाभारत 15.17.15
भीमसेनस्तु सक्रोधः प्रोवाचेदं वचस्तदावयं भीष्मस्य कुर्मेह प्रेतकार्याणि फल्गुन
bhīmasenastu sakrodhaḥ provācedaṃ vacastadāvayaṃ bhīṣmasya kurmeha pretakāryāṇi phalguna
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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